बजट 2020: लाखों सरकारी नौकरियों के लिए बनेगी एक ही रिक्रूटमेंट एजेंसी, जिला स्तर पर ऐसे करेगी काम


बजट 2020: देश के युवाओं को बजट से काफी उम्मीद थी, जिसे सरकार ने पूरा करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। देश में बेरोजगारी के लिए केंद्र सरकार द्वारा आंकड़े इकठ्ठा कर, रिक्त पदों को भरने की योजना भी बनाई है। देश में सरकारी नौकरियों के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनेगी जो नॉन-गैजेटेड पदों पर कम्प्यूटराइज्ड परीक्षा कराएगी। हर जिले में इसका परीक्षा केंद्र होगा। सांख्यिकी व्यवस्था में भी सुधार की जरूरत है। डेटा की विश्वसनीयता बहुत जरूरी है। आधिकारिक सांख्यिकी पर नई नीति बनाएंगे। एजुकेशन सेक्टर के लिए 99300 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

रोजगार को लेकर होंगी घोषणाएं
नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) की पहली सरकार को सबसे ज्यादा रोजगार के मार्चे पर आलोचना झेलनी पड़ी थी। उसके बाद एजेंसियों और विभागों की ओर से जो रोजगार के आंकड़े सामने आए वो भी सरकार के फेवर में नहीं थे। ऐसे में इस बार रोजगार को बढ़ाने की सबसे बड़ी चुनौती निर्मला सीमारमण के सामने होगी। शनिवार को पेश हुए आर्थिक सर्वे से संकेत मिले हैं और कहा गया है कि अगले पांच साल में 4 करोड़ रोजगार पैदा किए जाएंगे, लेकिन सरकार इस मामले कितनी गंभीर है, बजट में देखने को मिलेगा।

शिक्षा बजट 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के दौरान नारा देते हुए सरकार का उद्देश्य बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ बताया। इस बार कुल 99300 करोड़ रूपए खर्च करने की घोषणा की गई है। 2030 तक भारत में सबसे बड़ी वर्किंग ऐज पॉपुलेशन होगी और सरकार इसके लिए हर संभव कार्य करेगी। हमें देश के युवाओं के लिए ज्यादा नौकरियों की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति की घोषणा बहुत जल्द होगी। इससे जुड़े 2 लाख सुझाव सरकार के पास आए हैं। प्रतिभाशाली शिक्षकों को बढ़ावा देने के लिए 150 संस्थान डिग्री-डिप्लोमा कोर्स शुरू करेंगे।

सरकार एक प्रोग्राम शुरू करेगी, जिसमें शहरी निकाय नए इंजीनियरों को एक साल के लिए इंटर्नशिप देगी ताकि इंटर्न भी सीख सकें और शहरी निकायों को भी कामकाज में मदद मिल सके। नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी, नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। डॉक्टरों की देश में कमी है। इसके लिए पीपीपी के जरिए जिला अस्पतालों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इसके लिए किफायती दरों पर जमीन मुहैया कराई जाएगी। देश में टीचरों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की भी जरूरत है। स्किल सेट कई बार मैच नहीं हो पाता। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय के जरिए ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा। इन्वेस्टमेंट क्लियरेंस सेल बनेगी, जिसमें निवेश से जुड़ी सलाह और लैंड बैंक के बारे में जानकारी मिलेगी।


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